ठुकरा के मेरा प्यार सीज़न 2, एपिसोड 1: नए दुश्मन या नए दोस्त?

अगर आप ठुकरा के मेरा प्यार वेब्सेरिज शेसन 2  एपिसोड 1 की पूरी कहानी जानना चाहते हैं, तो इस पुरे कहानी  को आसान भाषा में पढ़ें | और आप यह भी जानिए की संविका पर हमला किसने कराया और इस एपिसोड का अंत किस बड़े घटने से होता है |
इस वेब सीरीज की शूटिंग लखनऊ में की गई |इस में संविका और कुलदीप के मोहब्बत की कहानी और इन दोनों के मोहब्बत में आने वाली उलझन को दिखाया गया है |

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एपिसोड 1 के अंत में आखिर क्या होता है?

ठुकरा के मेरा प्यार वेब सीरीज कि सीजन 2 के एपिसोड 1 का अंत कुछ इस तरह होता है कि  जब संविका सितारपुर जा रही होती है तब उस पर हमला होता है। 

किसने और कैसे ?

आखिर शनविका पर हमला किसने कराया  किया ?

वहां उसी  समय कुंवर साहब संविका को बचाने के लिए कैसे बहुच जाते हैं ?


ठुकरा के मेरा प्यार सीजन 2 एपिसोड 1 की पूरी कहानी 

कहानी की शुरुआत कुछ इस तरह होता है |

ठुकरा के मेरा प्यार सीजन 2 एपिसोड 1 में संविका और कुलदीप

ठुकरा के मेरा प्यार सीजन 2 एपिसोड 1 में संविका और कुलदीप की कहानी।



कुलदीप के पिता 
कुलदीप को बता रहे होते हैं कि,
बेटा चौहान की बिटिया बंदूक त चलाइबे करेलीसन ।
हम एक समय के खाना छोड देंम लेकिन तहरा  पढ़ाई से कौन समझौता ना।

एपिसोड में इसके आगे संविका और कुलदीप के बीच होने बात-चित बात को डाला गया  है ।
ठुकरा के मेरा प्यार सीजन 2 में संविका का किरदार
सीजन 2 में संविका की जिंदगी एक बार फिर बड़े मोड़ पर पहुंचती है।


  संविका कहती है |   
                                 तू हमके अच्छा लागेल हमरा से दोस्ती करबा। 
तभी कुलदीप बोलता है |
                                 ना हमके  आपके प्यार में कौनो इंटरेस्ट बा और ना ही दोस्ती में ।
                                 रउआ से हाथ जोड़ के कहतनी की हमार पीछा छोड़ दीं।
तभी  संविका बोलती है 
                            जानतरा हमारा के अब तहसे दोस्ती करके भी न ना बा। हम अब तहके पसंद करे लागल बानी ।

कुलदीप और संवीक  का  प्यार 

ठुकरा के मेरा प्यार सीजन 2 में कुलदीप का किरदार
कुलदीप के सामने संविका से जुड़ी एक बड़ी सच्चाई सामने आती है।


अब ऐसे ही दोनों साथ में समय बिताने लगते हैं ।
तभी इन दिनों को एक साथ घूमते हुए देख लिया जाता है संविका के पिता के आदमी कुलदीप की पिटाई करते हैं| |
उसके अगले दिन संविका के पिता संविका से पूछते हैं कि बतावा संविका तू ऐसे प्यार करेलू -
तभी संविका बोलती है कि ना इहे हमसे प्यार करेला।
अब ये बात सुनकर कुलदीप का दिल टूट जाता है।

कुलदीप का कठिन मेहनत 

इसी दुःख को लेकर कुलदीप अब IAS की तयारी करने के लिए बाहर चला जाता है और IAS की पढ़ाई पूरा करके और UPSC टॉप करके और IASअधिकारी बन करके वापस आता है| 

अब कुलदीप , संविका के पापा के सभी धंधे धीरे-धीरे बंद कराने लगता है और इसी बीच संविका के पिता का मौत हो जाता है और इतनी तकलीफ के साथ फिर उसके पति का भी मौत हो जाता है।

संविका का अटूट वादा |

उसके बाद कुछ लोग संविका से कहते हैं की ये सब बर्बादी कुलदीप करा रहा है |

तभी संविका कहती है कि ऊ हमके बर्बाद करे ही आईल बा और  ई हमके पता बा।

हम खुद के प्यार में ना भूलल बनी और ना नफरत में हम खुद के भूलेम। 

संविका का सच और कुलदीप के लिए  बड़ा झटका|

अब इधर  जब  कुलदीप अपनी माँ से  मिलता है तो उसकी माँ बोलती है कि बेटा तू क्या कर रहे हो ।तुम्हे पता भी है  कि तू जिस के वजह से IAS बने हो उसकी वजह  संविका है |

 तभी वह बताती है कि जो पैसे मैं तुम्हे देती थी वो सब पैसे मुझे संविका अपने घर वालोंसे छुपा के मुझे भेजती थी।और मैं तुम्हे भेजती थी |

जब तुम और संविका पकड़े गए थे तो उस समय संविका के पिता उससे  बोले कि अगर तुम बोलोगी की तुम कुलदीप से प्यार करती हो ,तो मैं कुलदीप को मार दूंगा और उसके घर वालो को भी और उसका घर जला दूंगा । इसी डर से संविका बस तुम्हे बचाने के लिए बोली कि वो तुमसे प्यार नहीं करती है । 

कुलदीप का पछतावा और उसके ससुर का गुस्स्सा |

अब इधर कुलदीप खुद को गुनहगार समझते हुए ।
कहता कहता कि ,
                       कहीं न कही हम ही ई सब के जिम्मेदार बानी।

 अब ये सब देख कर   कुलदीप के ससुर दद्दू प्रसाद दद्दू प्रसाद को लगता है कि कुलदीप अब संविका से फिर प्यार करने लगा है ।

तब  कुलदीप के ससुर दद्दू प्रसाद अपने नौकर से कहता है कि संविका को मार दो ।
अब संविका फिर सितारपुर का एक नया उम्मीद बनकर सीतापुर आ रही होती है तभी उसपर हमला होता है ।
और वहां पर संविका को बचाने कुंवर जी पहुंच जाते हैं ।

कुवर साहब के एहसान का बदला |

जब कुवर साहब ने संविका को बचा लिया तो संविका ने कहा मैं आपका ये एहसान जरुर चुकाऊगी|
तभी कुवर साहब बोले क्या सच में ?
संविका कहती है हाँ|
कुवर साहब बोलते हैं ठीक फिर साम  को मेरे कोठे पर आ जाइए  तभी संविका बोलती है जरुर |

कहानी में अचानक बड़ा मोड़ |

हमला होने के बाद  कुलदीप के ससुर दद्दू प्रसाद को पता चलता हा की इनके आदमी के हमला करने से पहले किसी ने संविका पर हमला कर दिया था  |

सवाल 

1. आखिर किसने हमला कराया संविका पर ?

2. क्या कोई और नया दुशमन आ चुका है संविका का ?

3. कुवर साहब कैसे पहुचे सही समय पर ?

4.  कुवर साहब ने संविका को कोठे पर क्यों बुलाया ?

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