दंगल फिल्म की कहानी: आमिर खान की Dangal ने कैसे रचा इतिहास?

 दंगल फिल्म की कहानी: भारत की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म (Dangal Movie Story in Hindi)

दुनिया भर (Worldwide Gross) में सबसे ज़्यादा कमाई करने वाला indian  फ़िल्म आमिर खान की दंगल (2016) है।
दंगल फिल्म की कहानी आमिर खान गीता और बबिता
दंगल (2016): आमिर खान के सपने और गीता-बबिता की मेहनत की कहानी।


दंगल फिल्म की कहानी की शुरुआत और अधूरा सपना

दंगल फिल्म में आमिर खान एक गरीब परिवार में रहते हैं। इनका शौक था पहलवानी लड़ने का, लेकिन उनके पिता जी ने उनके शौक को तोड़ दिया उनकी गरीबी दिखाकर।

यह कहानी वहां से शुरू होती है कि आमिर खान एक देश के स्तर पर पहलवानी में खिलाड़ी थे। आमिर खान आखिर में गरीब थे, उनके पास उतने पैसे न थे कि आमिर खान वर्ल्ड चैंपियनशिप के लिए तैयारी कर सकें। तब उनके पिता जी ने बोला— "बेटा, ये पहलवानी में कुछ नहीं रखा है। तुम कोई काम कर लो, हो सकता है कि तुम्हारे काम आ जाए।"

हम सब जानते हैं कि हम अपनी ख्वाहिशों को ठुकरा देते हैं मां-बाप के फरमान के आगे। ठीक इसी तरह आमिर खान ने Dangal फिल्म में अपने इस पहलवानी के सपने और इच्छा को ठुकरा दिया।


जब बेटे की उम्मीद में मिलीं बेटियां

आमिर खान अब यह सोच रहे थे कि अगर उनका लड़का हुआ तो वह उसे पहलवान बनाएंगे। लेकिन इसमें एक ऐसी घटना घटी उनके साथ कि उनके एक भी लड़के न हुए। आमिर खान की तीन बच्चियां हुईं, अब आमिर खान हार मान लिए थे कि मेरे बच्चे पहलवान नहीं होंगे।


वह मोड़ जिसने बदली बेटियों की जिंदगी

तभी एक ऐसी घटना घटी कि उनकी दो बेटियां स्कूल जा रही थीं, लेकिन किसी लड़के से लड़ाई हो गई। अब ये दोनों ने मिल कर उस लड़के की पिटाई की। लड़के की पिटाई करने के बाद जब गीता और बबीता घर आईं, तो उनके पिता आमिर खान जी के पास उस लड़के के घर वाले शिकायत लेकर आए।

जैसे ही आमिर खान को यह पता चलता है कि यह झगड़ा गीता और बबीता ने किया है, तो आमिर खान ने पूछा— "गीता और बबीता, तुम दोनों ने ऐसा कैसे किया?" फिर दोनों ने अपने चाचा के लड़के की ऐसी पिटाई की और बताया कि मैंने ऐसे की उनकी पिटाई। यह सब देखकर आमिर खान के दिमाग में एक तरीका सूझा कि क्यों न मैं अपनी लड़कियों को पहलवान बनाऊं।


पहलवानी की कड़ी ट्रेनिंग और चुनौतियां

अब असली खेल शुरू और आमिर खान के सपने की तरफ असली कदम बढ़ा। अब आमिर खान ने अपनी इन दोनों पुत्रियों को पहलवानी की ट्रेनिंग देना शुरू कर दिया।

गीता-बबीता के बहाने और पिता का कड़ा फैसला

इसी बीच गीता ने अपने पापा से बोला कि— "पापा, हमसे सलवार-कमीज में दौड़ा नहीं जाता।" तो आमिर खान जी ने बोला— "ठीक है।" आमिर खान रात को जगे और अपने भाई के बेटे का पैंट लिया और उसे काट-काट कर हाफ बना दिया।

सुबह जैसे ही यह गीता और बबीता को देते हैं पहनने के लिए, तो गीता और बबीता इसे पहनते हुए शर्माती हैं। अब इनके पिता कहते हैं— "अब तो सब ठीक है न?"

उसके बाद फिर बबीता एक बहाना लेकर आती है और कहती है कि— "पापा, हमारे बाल नहीं संभलते हैं, हम पहलवानी नहीं करेंगे।" उसके अगले दिन ही उनके पिता आमिर खान ने उनके बाल छोटे करा दिए।

शादी का कहानी और सोच में बड़ा बदलाव

आमिर खान के घर न रहने पर पड़ोस की सहेली की शादी में दोनों गई होती हैं। तभी आमिर खान आ जाते हैं और देखते हैं कि ये दोनों शादी में जाकर नाच रही हैं। तभी गीता के गाल पर एक थप्पड़ मारते हैं और घर बुलाकर लाते हैं।

अब गीता और बबीता अपनी सहेली से कहती हैं कि— "तुम ही बताओ, क्या किसी का बाप ऐसा होता है? हमारे पिता हमें कितना परेशान करते हैं।"

तभी गीता की सहेली कहती है कि— "तुम्हारा बाप तो कम से कम तुम्हारे बारे में सोचता तो है। देखो, मैं अभी कम उम्र की हूं लेकिन मेरे बाप ने मेरी शादी करा दी।"

गीता और बबिता को पिता की मेहनत समझ आती है

अब यही बात सुनकर गीता और बबीता के दिमाग का ढक्कन खुल जाता है कि पापा जो कुछ भी कर रहे हैं, सब हमारे लिए कर रहे हैं।


भारत की जीत और आमिर खान के  सपने का पूरा होना

अब ये दोनों एकदम मन लगाकर तैयारी शुरू कर देती हैं और आखिरी में गीता वर्ल्ड चैंपियन बनती है और आमिर खान के सपने को पूरा करती है।

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